" ऐ काश"
जो होता मेरे हांथो मे तेरा हांथ
तो ये ज़िन्दगी तनहा ना कटती
जो निकल जाते तेरे होंटो से वो शब्द
तो रात मेरी इंतजार मे ना गुजरती
जो होता तुझे मेरे होने का एहसास
तो तुझे किसी और की तलाश ना होती
जो होता तेरे दिल मे मेरे लिए प्यार
तुझे किसी के साथ की ज़रुरत ना होती
जो होता तुझे दर्द मेरे दर्द से
तो तुझ मुझको दर्द देने की हिम्मत ना होती
जो होती तुझे कद्र मेरी ज़रा भी
तो मुझे ये आज लिखने की ज़रुरत ना होती
दूरी का एहसास
$Ģ
जो होता मेरे हांथो मे तेरा हांथ
तो ये ज़िन्दगी तनहा ना कटती
जो निकल जाते तेरे होंटो से वो शब्द
तो रात मेरी इंतजार मे ना गुजरती
जो होता तुझे मेरे होने का एहसास
तो तुझे किसी और की तलाश ना होती
जो होता तेरे दिल मे मेरे लिए प्यार
तुझे किसी के साथ की ज़रुरत ना होती
जो होता तुझे दर्द मेरे दर्द से
तो तुझ मुझको दर्द देने की हिम्मत ना होती
जो होती तुझे कद्र मेरी ज़रा भी
तो मुझे ये आज लिखने की ज़रुरत ना होती
दूरी का एहसास
$Ģ

Achha prayash
ReplyDeleteDhanywaad
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